लखनऊ दौरे पर राजनाथ सिंह: महंगाई पर नियंत्रण और विकास में नागरिक भागीदारी पर जोर

लखनऊ दौरे पर राजनाथ सिंह: महंगाई पर नियंत्रण और विकास में नागरिक भागीदारी पर जोर

Emphasis on controlling inflation

Emphasis on controlling inflation

 लखनऊ। Emphasis on controlling inflation, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान महंगाई दर 12 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जबकि केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं के कारण पिछले नौ वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि विकास तभी प्रभावी होता है, जब उसमें जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी हो।अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ के दौरे पर आए रक्षा मंत्री ने शनिवार को राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में आयोजित प्रबुद्ध जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जनता के सुझाव और समस्याएं विकास कार्यों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। केंद्र और राज्य सरकार लखनऊ के समग्र विकास के लिए लगातार समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं।

जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की भागीदारी से तय होती है विकास की दिशा

महंगाई के मुद्दे पर राजनाथ सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी कीमतों पर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने ईरान-अमेरिका के बीच तनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे घटनाक्रमों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इसके बावजूद सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं लागू की हैं।

आज लखनऊ देश के प्रमुख विकसित शहरों में शामिल

रक्षा मंत्री ने कहा कि आज लखनऊ देश के प्रमुख विकसित शहरों में शामिल हो चुका है और यहां आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने प्रबुद्धजनों से संवाद कर उनके सुझाव भी सुने। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राजनाथ सिंह के नेतृत्व में लखनऊ निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

राजनाथ सिंह ने दिया सरोजनी नगर औद्योगिक क्षेत्र निर्माता संघ को आश्वासन

सरोजनी नगर औद्योगिक क्षेत्र निर्माता संघ (एसआइएमए) के पदाधिकारियों ने शनिवार को राजनाथ सिंह से मिलकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विकास में आ रही बाधाओं व उनके समाधान को लेकर ज्ञापन सौंपा। राजनाथ ने आश्वासन दिया कि उद्यमियों की समस्याओं के समाधान पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी, क्योंकि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।